पंचगव्य सेवन



 भारतीय वंश की गौमाता से मिलने वाले पांच गव्य (दूध, घी, मट्ठा, गौमूत्र एवं गोबर)|
पंचगव्य शब्द एक देशी भारतीय नस्ल की गाय के पांच प्रमुख पदार्थ – गाय के मूत्र, गोबर, दूध, मट्ठा और घी द्वारा निर्मित दवा का वर्णन करने के लिए इस्तेमाल किया है| सभी पाँच गव्य सभी बीमारियों को ठीक करने में सक्षम है| सभी औषधीय गुणों के अधिकारी हैं और औषधीय उद्देश्य के लिए इनका उपयोग अकेले या आयुर्वेद में वर्णित कुछ अन्य जड़ी बूटियों के साथ संयोजन कर किया जाता है| गौमूत्र अर्क जिसे ‘गौमयादी अर्क’ या ‘गौमयादी सर्वरोग निवारिणी’ कहा जाता है एक प्रबल कैंसर विरोधी और एच आई वी विरोधी औषधी है, यह शरीर के तीनो दोषों (वात, पित्त और कफ ) को संतुलित भी करता है, इसलिए इसका सेवन किसी भी व्यक्ति द्वारा किया जा सकता है जो अपने आपको स्वस्थ रखना चाहता हो|


जय श्री कृष्ण

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