गाय माता की रक्षा एवं सेवा से प्रापत होने वाला पुण्य
1– जिस भूमि पर गाय को रविवार के दिनस्नान कराया जाता है,वहां लक्ष्मी का वासहोता है तथा लक्ष्मी स्थिर रहतीहै,वहां के निवासी स्वस्थ एवं चैन से रहते है. 2 – जिस घर में गौमूत्र का यदा-कदा छिडकाव किया जाता हो,वह घरलक्ष्मी से युक्त होता है. 3– घर के किसी भी भाग में हमेशा गोबरलेपन करने से लक्ष्मी उस घर में सततबनी रहती है. 4– गाय को स्नान कराने वाले को कोटि-कोटि पुण्य प्राप्त होता है... 5. आजकल लोग गौ माता को कुछभी बचाकुचा खाना देते हैं.... यादरहे कि आपके घर के सामने गौ माताजो भी खाती है वो आपकेपूर्वजो को मिलता है. 6 गाय के दुध में स्वर्ण तत्व पाये जातेहै .यह तत्व माँ के दुध के अतिरिक्त दुनियाँ मेंकिसी भी पदार्थ में नही है। 7 गाय के गोबर से प्रतिवर्ष 4500 लीटर बायोगैस मिल,सकता है।. 8 गाय,द्वारा छोड़ी गयी श्वास से सभी अदृश्य एवं हानिकारक,बैक्टेरिया मर जाते है| ये अंदर ऑक्सीजन लेती है लेकिन बाहर (co2 +o2) छोडती है जिसमें o2 की प्रमाण ज्यादा है 9 गाय के सिंग चंद्रमा से आने वाली ऊर्जा को अवशोषित कर शरीर को देते है| प्रतिदिन गाय के सिंग पर हाथ फेरने से गुस्सा नहीं आता है।